इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए कौन से इंडिकेटर्स हैं जरूरी?


आज हम बात करने वाले है इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए कौन से इंडिकेटर्स हैं जरूरी के बारे मे। दोस्तों  intraday trading के लिए बहुत से indicators उपलब्ध है लेकिन हम उनमे से सबसे ज्यादा उपयोग मे लाए जाने वाले indicators के बारे मे जानेंगे । 




इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए कौन से इंडिकेटर्स हैं जरूरी?


अच्छे indicators आपकी ट्रेडिंग स्ट्रैटिजी के साथ साथ आप किस प्रकार के स्टॉक मे ट्रेड कर रहे है उस पर निर्भर करते है ।  नीचे कुछ सबसे लोकप्रिय और प्रभावी indicators के बारे मे बताया गया है जिससे आप आसानी से जान पायेगे की इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए कौन से इंडिकेटर्स हैं जरूरी?


MOVING AVERAGE (MA):


दोस्तों अगर आप ट्रैडिंग करते होंगे तो आपने सबसे ज्यादा उपयोग मे लाए जाने वाले इंडिकेटर Moving Average के बारे मे जरूर सुन होगा । मूविंग एवरेज (Moving Average) इंडिकेटर टेक्निकल विश्लेषण में इस्तेमाल किया जाने वाला एक लोकप्रिय indicators है। इसका हिंदी में मतलब "चलती औसत" होता है। मूविंग एवरेज इंडिकेटर किसी संपत्ति, जैसे कि स्टॉक या कमोडिटी की कीमतों के औसत को एक निश्चित अवधि में ट्रैक करता है।

मूविंग एवरेज ट्रेंड की पहचान करने और संभावित ट्रेंड रीवर्सल का पता लगाने मे मदद करता है। 

मूविंग एवरेज कई प्रकार की होती है लेकिन हम उन्मे से सबसे ज्यादा उपयोग मे लाए जाने वाले मूविंग एवरेज के बारे मे जनेगे । 


1- सिंपल मूविंग एवरेज (SMA): 

यह सबसे आसान सबसे पुराना और सबसे ज्यादा उपयोग मे लाया जाने वाला मूविंग एवरेज है । यह पिछले निर्धारित दिनों की कीमतों का सीधा औसत होता है। 

उदाहरण के लिए, 50 दिनों का SMA पिछले 50 दिनों की क्लोजिंग कीमतों का औसत होता है । 


2- एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA): 

यह SMA का एक प्रकार है जो हाल के डेटा को अधिक महत्व देता है, जिससे यह कीमतों में बदलाव या कहे तो ट्रेंड की दिशा को बहुत जल्दी पकड़ लेता है। 

एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) मुख्य रूप से दो चीजों को पहचानने में मदद करता है:


DIRACTION OF TREND : जब मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रही होती है, तो यह आम तौर पर अपट्रेंड का संकेत माना जाता है। वहीं, जब मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रही होती है, तो यह डाउनट्रेंड का संकेत हो सकता है।

SUPPORT AND RESSISTANCE :  जब मूविंग एवरेज अक्सर समर्थन और प्रतिरोध के स्तर के रूप में कार्य कर सकती है। 

उदाहरण के लिए, यदि कीमतें लगातार 50 दिनों के SMA के आसपास ट्रेड कर रही हैं, तो यह इंडिकेटर उस मूल्य को एक समर्थन स्तर के रूप में सुझा सकता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मूविंग एवरेज अपने आप में एक पूर्ण ट्रेडिंग सिग्नल नहीं है। इसके साथ ही अन्य तकनीकी विश्लेषण टूल्स और बाजार के मौजूदा हालात को भी विचार करना चाहिए।


RELETIVE STRENGTH INDEX (RSI): 


RSI एक प्रकार का momentum indicator है जो आपको यह बात सकता है की कोई शेयर overbought zone मे है या oversold zone मे है।  RSI  0 से 100 के बीच का होता है। 

जब किसी स्टॉक का RSI 70 से ज्यादा होता है तब  हमे पता चलता है की स्टॉक overbought zone मे है यहाँ से मार्केट के गिरने की संभावना ज्यादा होती है । 

जब किसी स्टॉक का RSI 30 से कम होता है तब हमे पता चलता है की स्टॉक oversold zone मे है यहाँ से मार्केट के बढ़ाने की संभावना ज्यादा होती है ।  


BOLLINGER BANDS:


Bollinger band उपयोग मे लाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय indicators मे से एक है जो आपको यह बताता है की कोई स्टॉक कितना vilatile है ।  Bollinger band मे तीन लाइन होती है upper band , middle band और lower band । 

UPPER BAND: यह मूविंग एवरेज के ऊपर का एक निर्धारित standard deviation है ।  जब स्टॉक का प्राइस upper  band  के ऊपर चल जाता है तब यह समझा जाता है की स्टॉक overbought zone मे है और यहाँ से मार्केट के गिरने की संभावना ज्यादा होती है । 


MIDDLE BAND:  यह मूविंग एवरेज है ।


LOWER BAND:  यह मूविंग एवरेज के नीचे का एक निर्धारित standard deviation है । जब स्टॉक का प्राइस lower  band  के नीचे चल जाता है, तब हमे पता चलता है की स्टॉक oversold zone मे है यहाँ से मार्केट के बढ़ाने की संभावना ज्यादा होती है ।  


VOLUME:


volume यह बताता है की कोई भी स्टॉक मे कितनी liquidity है और साथ ही यह भी बताता है की कितने लोग इसका व्यापार कर रहे है । 

किसी भी स्टॉक मे बड़ी मात्र मे volume का होना एक मजबूत ट्रेंड का संकेत दे सकता है । 

किसी भी स्टॉक मे कम मात्र मे volume का होना एक कमजोर ट्रेंड का संकेत दे सकता है । 


STOCHASTIC OSCILLATOR:


stochastic oscillator टेक्निकल विश्लेषण में इस्तेमाल किया जाने वाला एक लोकप्रिय indicators है। यह एक प्रकार का momentum indicator है जो RSI के समान ही है । 

stochastic oscillator 0 से 100 के बीच होता है । 

जब stochastic oscillator 80 से अधिक होता है , तो यह समझा जाता है की स्टॉक overbought zone मे है और यहाँ से मार्केट के गिरने की संभावना ज्यादा होती है । 

जब stochastic oscillator 20 से कम होता है , तो यह समझा जाता है की स्टॉक oversold zone मे है यहाँ से मार्केट के बढ़ाने की संभावना ज्यादा होती है ।  


निष्कर्ष 

ऊपर जीतने भी indicators  बताए गए है ये सभी  सबसे ज्यादा उपयोग मे लाए जाने वाले indicators है ।  और भी बहुत सारे  indicators  है जिनकी अपनी अलग अलग विशेषताएं है आप अपनी सुविधा अनुसार इनका उपयोग कर सकते है । एक बात और ध्यान मे रखना है की कोए भी  indicator आपको 100% सही  indication नहीं देगा एसलिए आपको किसी एक indicator पर निर्भर नहीं रहना है । 





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